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शिशॠके उचित विकास में बाधा के कà¥à¤¯à¤¾ कारण
इसके बहà¥à¤¤ से कारण हो सकते हैं। शायद आपके शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पोषण नहीं मिल रहा। वह शायद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लंबे समय तक या फिर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार सà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं कर रहा या फिर हो सकता है कि आपको उसका सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना छà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤•र ठोस आहार खिलाना शà¥à¤°à¥ करने में दिकà¥à¤•त हो रही हो।
समà¥à¤šà¤¿à¤¤ विकास न होने की निमà¥à¤¨ वजह à¤à¥€ हो सकती हैं:
छोटी-मोटी बीमारी। बड़ों की तरह ही तबियत ठीक न होने पर शिशà¥à¤“ं की à¤à¥‚ख à¤à¥€ कम हो जाती है।
सीने में जलन (हारà¥à¤Ÿà¤¬à¤°à¥à¤¨) या रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ और उलà¥à¤Ÿà¥€ की वजह से à¤à¥€ शायद शिशॠदूध पीना या à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना न चाहे।
मà¥à¤‚ह या गले में इनफेकà¥à¤¶à¤¨ जिसकी वजह से चूसने में दरà¥à¤¦ होता हो।
किसी बीमारी की वजह से अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• उलà¥à¤Ÿà¥€ या शिशà¥à¤“ं में दसà¥à¤¤ (डायरिया)
खाने के समय की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं को इसका जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरा होता है। उदाहरण के तौर पर यदि आपके शिशॠको फांक होंठया तालॠ(कà¥à¤²à¥‡à¤«à¥à¤Ÿ लिप à¤à¤‚ड पैलेट), टंग टाई हो तो अनà¥à¤¯ शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में उसके लिठदूध पीना या खाना खाना शायद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है।
कà¥à¤› मामलों में बचà¥à¤šà¥‡ और माता या पिता के रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में कà¥à¤› समसà¥à¤¯à¤¾ होती है जो उसके खाने-पीने की आदतों पर असर डाल सकती है। कई बार मांओं में पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° अवसाद (पीà¤à¤¨à¤¡à¥€) होने और शिशà¥à¤“ं का समà¥à¤šà¤¿à¤¤ विकास न होने के बीच à¤à¥€ संबंध होता है।
कà¥à¤› परिवार में खाने का समय नियमित नहीं होता या फिर किसी विशेष à¤à¥‹à¤œà¤¨, फल या दूध के लिठघर के खरà¥à¤šà¥‡ बढ़ने की चिंता à¤à¥€ रहती है। यदि आप बचà¥à¤šà¥‡ को बेहतरीन आहार देने या सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खरीदने में समरà¥à¤¥ न हो तो इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लें।
कई बार शिशॠका समà¥à¤šà¤¿à¤¤ विकास न होना किसी और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गंà¤à¥€à¤° अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ बीमारी का संकेत हो सकता है। यह à¤à¥€ à¤à¤• कारण है कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° ​बचà¥à¤šà¥‡ का सही विकास न होने का कारण पता करना चाहते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ मैं अपने शिशॠमें समà¥à¤šà¤¿à¤¤ विकास न होने के लकà¥à¤·à¤£ पहचान सकती हूं?
यदि आप कà¤à¥€ अपने बचà¥à¤šà¥‡ के विकास, खाने-पीने के तरीके या उसके वजन को ​लेकर चिंतित हों, तो बचà¥à¤šà¥‡ के डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। वे शायद आपके सà¤à¥€ सवालों का जवाब देकर आपके मन को शांत कर सकेंगे। वे शिशॠके खान-पान के बारे में à¤à¥€ आपको वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• सलाह दे सकेंगे। यदि शिशॠको सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी कोई समसà¥à¤¯à¤¾ हो, तो वे इसकी जांच करेंगे।
अधिकांश शिशà¥à¤“ं का जनà¥à¤® के पहले दो हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में कà¥à¤› वजन कम होता है। इसे लेकर आप परेशान न हों - यह सामानà¥à¤¯ है। हालांकि इसके बाद से आपका बचà¥à¤šà¥‡ का निरंतर विकास होना चाहिà¤à¥¤
यदि आपका शिशॠसमय से पहले जनà¥à¤®à¤¾ था, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° इस बात को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखेंगे कि उसे अà¤à¥€ थोड़ा और बढ़ना है। वे जब गà¥à¤°à¥‹à¤¥ चारà¥à¤Ÿ पर शिशॠका विकास दरà¥à¤œ करेंगे तो वे उसकी समय से पहले की जनà¥à¤® तिथि को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ शिशॠकी समायोजित उमà¥à¤° (à¤à¤¡à¤œà¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤¡/करेकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ à¤à¤œ) का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करेंगे। बचà¥à¤šà¥‡ के दो साल का हो जाने तक उसके वजन, बढ़त और विकासातà¥à¤®à¤• जांचों के लिठकरेकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ à¤à¤œ को ही देखा जाता है।
गà¥à¤°à¥‹à¤¥ चारà¥à¤Ÿ औसत आंकड़ों पर आधारित होते हैं और इनकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कà¥à¤› परिवार आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक तौर पर लंबाई और शारीरिक ढांचे में छोटे होते हैं। इसलिà¤, अपने शिशॠकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ औसत आंकड़ों से करने पर इस बात को हमेशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखें।
कà¥à¤¯à¤¾ सही विकास न होने का उपचार हो सकता है?
समसà¥à¤¯à¤¾ किस तरह की है और इसका कारण कà¥à¤¯à¤¾ है, यह पहचान लेना मà¥à¤–à¥à¤¯ बात है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° को शिशॠका समà¥à¤šà¤¿à¤¤ विकास न होने का कारण पता लगाने की जरà¥à¤°à¤¤ है।
बचà¥à¤šà¥‡ के डॉकà¥à¤Ÿà¤° शायद देखना चाहेंगे कि आप शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ या बोतल से किस तरह दूध पिलाती हैं, ताकि वे आसानी से ठीक की जा सकने वाली समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का पता लगा सकें। हो सकता है आपका शिशॠशायद परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध न पी रहा हो।
हो सकता है इसका उपचार केवल शिशॠको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने और आपके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाने या फिर शिशॠके मà¥à¤‚ह में सà¥à¤¤à¤¨ सही ढंग से देने (लैचिंग) से संà¤à¤µ हो।
कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° समà¥à¤šà¤¿à¤¤ विकास न होने का कारण शिशॠके पाचन तंतà¥à¤° से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ या फिर दूध के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ à¤à¥€ हो सकती है।
यदि आप डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ में हों, à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं में उतार-चढ़ाव या अकेलापन महसूस कर रही हों या फिर बचà¥à¤šà¥‡ को लेकर कोई परेशानी हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें ताकि आपको जरà¥à¤°à¥€ सहयोग मिल सके।
कà¥à¤› बहà¥à¤¤ दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में फेलà¥à¤¯à¥‹à¤° टू थà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µ का कारण कोई अधिक गंà¤à¥€à¤° अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। जितना जलà¥à¤¦à¥€ इसका पता चल जाà¤, उतनी जलà¥à¤¦à¥€ शिशॠको बेहतर इलाज और देखà¤à¤¾à¤² मिल सकती है।
शिशॠके विकास से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ दिकà¥à¤•तों के बारे में और जानकारी कहां से मिल सकती है?
यदि आप शिशॠकी बढ़त या विकास को लेकर चिंतित हैं तो जरà¥à¤°à¥€ है कि शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ली जाà¤à¥¤ यदि आपको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल लग रहा हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें और हो सकता है वे आपको किसी सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ सलाहकार के पास जाने के लिठकहें।
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